

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)। क्षेत्र में लगाए गए प्रीपेड विद्युत मीटरों के खिलाफ अब उपभोक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने ऊर्जा मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए प्रीपेड मीटर हटाकर पुनः पोस्टपेड मीटर लगाए जाने की मांग की है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था के कारण उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण नेटवर्क की समस्या बनी रहती है, जिससे समय पर रिचार्ज न हो पाने पर अचानक बिजली कट जाती है। खासकर रात और आपात स्थिति में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
इसके अलावा बुजुर्ग और अशिक्षित उपभोक्ताओं को ऑनलाइन रिचार्ज प्रक्रिया में कठिनाई होती है, जिससे उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर में टैरिफ अधिक है और न्यूनतम बैलेंस खत्म होते ही कनेक्शन काट दिया जाता है, जिससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं ने कई मीटरों में तकनीकी खराबी, गलत रीडिंग और बार-बार ट्रिपिंग की शिकायतें भी उठाईं। उनका कहना है कि पहले की पोस्टपेड व्यवस्था में ऐसी समस्याएं नहीं थीं और लोग समय पर बिल जमा करते थे।
ज्ञापन देते समय संदीप बाल्मीकी ने बताया कि यदि 4 दिनों के भीतर प्रीपेड मीटरों को हटाकर पोस्टपेड मीटर नहीं लगाए गए, तो समस्त उपभोक्ता 5 वें दिन बिजली विभाग कार्यालय, मौदहा में शांतिपूर्ण अनशन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
इस दौरान संदीप वाल्मीकि, अंकित सूर्यवंशी, फिरोज पठान, अतीक रहमान,रॉकी बाल्मीकि,रमजानी सभासद सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे। साथ ही सैकड़ों महिला उपभोक्ताओं की भी बड़ी भागीदारी रही, जिन्होंने बढ़-चढ़कर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।